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⏰ आज का चौघड़िया

दिन व रात के शुभ-अशुभ चौघड़िया मुहूर्त — समय सहित

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया मुहूर्त निकालने की सबसे सरल और लोकप्रिय वैदिक पद्धति है। इसमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर भागों और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को भी 8 भागों में बाँटा जाता है। हर भाग को एक "चौघड़िया" कहते हैं, और हर चौघड़िया किसी ग्रह से जुड़ा होकर शुभ या अशुभ होता है। यात्रा, खरीदारी या नया काम शुरू करने से पहले लोग शुभ चौघड़िया देखते हैं।

7 चौघड़िया और उनका स्वभाव

चौघड़ियास्वामी ग्रहफल
अमृतचंद्रसर्वश्रेष्ठ शुभ
शुभगुरुशुभ
लाभबुधलाभदायक
चरशुक्रसामान्य शुभ (यात्रा हेतु उत्तम)
उद्वेगसूर्यअशुभ (तनाव)
कालशनिअशुभ
रोगमंगलअशुभ (रोग/विवाद)

शुभ कार्य के लिए कौन सा चौघड़िया?

अमृत, शुभ, लाभ व चर चौघड़िया में शुभ कार्य करना उत्तम रहता है। उद्वेग, काल व रोग चौघड़िया में नए या महत्वपूर्ण कार्य टालने चाहिए। यदि शुभ चौघड़िया न मिले, तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य किया जा सकता है, जो दिन का सबसे शुभ समय होता है।

🙏 अभिजीत मुहूर्त भी देखें

दिन का सर्वश्रेष्ठ समय

अभिजीत मुहूर्त →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चौघड़िया क्या होता है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटने की वैदिक समय पद्धति है। हर भाग एक चौघड़िया कहलाता है जो शुभ या अशुभ होता है — इससे किसी कार्य के लिए शुभ समय चुना जाता है।

कौन से चौघड़िया शुभ होते हैं?

अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया शुभ माने जाते हैं। उद्वेग, काल और रोग चौघड़िया अशुभ माने जाते हैं।

चौघड़िया कैसे निकाला जाता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है (दिन का चौघड़िया) और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक को 8 भागों में (रात का चौघड़िया)। क्रम वार के अनुसार बदलता है।

यात्रा के लिए कौन सा चौघड़िया अच्छा है?

यात्रा व नए कार्यों के लिए चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया उत्तम माने जाते हैं।