शुभ मुहूर्त क्या है?
शुभ मुहूर्त वह समय है जब ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति किसी कार्य के लिए अनुकूल होती है। कोई भी नया व महत्वपूर्ण कार्य शुभ मुहूर्त में आरंभ करने से सफलता की संभावना बढ़ती है। यह टूल किसी भी दिन के लिए तीन चीज़ें एक साथ दिखाता है — अभिजीत मुहूर्त (दिन का सर्वश्रेष्ठ समय), शुभ चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ, चर), और वे समय जिनसे बचना चाहिए (राहु, यमगंड व गुलिक काल)।
शुभ कार्य के लिए सही समय कैसे चुनें?
सबसे पहले अभिजीत मुहूर्त देखें — यह लगभग हर दिन शुभ होता है। यदि उस समय कार्य संभव न हो, तो दिन के शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ/चर) में से कोई चुनें। साथ ही यह ध्यान रखें कि कार्य राहु काल, यमगंड या गुलिक काल में न पड़े, क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है।
किन कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त ज़रूरी है?
गृह प्रवेश, नया व्यापार, वाहन व संपत्ति की खरीद, नामकरण, मुंडन, और यात्रा जैसे कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त देखना उत्तम रहता है। विवाह व बड़े धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूर्ण कुंडली व पंचांग के आधार पर ज्योतिषी से विशेष मुहूर्त निकलवाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किसी भी दिन का शुभ मुहूर्त जानने के लिए उस दिन के अभिजीत मुहूर्त और शुभ चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ, चर) देखें, और राहु काल, यमगंड व गुलिक काल जैसे अशुभ समय से बचें।
अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय होता है। इसके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया भी शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं।
राहु काल, यमगंड काल, गुलिक काल तथा उद्वेग, काल व रोग चौघड़िया में शुभ कार्य आरंभ नहीं करने चाहिए।
हाँ, क्योंकि मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित होते हैं जो हर शहर में अलग होते हैं।