कल का पंचांग क्यों देखें?
कल का पंचांग पहले से देख लेने पर आप आने वाले दिन के शुभ कार्यों, व्रत-त्योहार और यात्रा की योजना बेहतर बना सकते हैं। यह टूल अपने-आप कल की तारीख लेकर उस दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के साथ सूर्योदय-सूर्यास्त व अशुभ काल दिखा देता है। आपको बस अपना शहर चुनना है।
पंचांग के पाँच अंग
तिथि चंद्र-सूर्य के अंतर से, वार सप्ताह का दिन, नक्षत्र चंद्रमा की स्थिति (27 में से), योग सूर्य-चंद्र का योग, और करण तिथि का आधा भाग। इन्हीं पाँच अंगों से किसी दिन की शुभता तय होती है।
शहर ज़रूरी क्यों है?
तिथि व नक्षत्र लगभग पूरे भारत में समान रहते हैं, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल हर शहर में अलग होते हैं। इसलिए सही समय जानने के लिए अपना शहर चुनना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कल का पंचांग आने वाले कल की तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु/यमगंड/गुलिक काल बताता है, जिससे आप कल के कार्यों की योजना पहले से बना सकें।
ऊपर अपना शहर चुनें — टूल अपने-आप कल की तारीख लेकर उस दिन की तिथि, नक्षत्र व पूरा पंचांग दिखा देगा।
हाँ, कल का राहु काल, यमगंड व गुलिक काल समय सहित दिखाया जाता है।